कोयलकारो जनसंगठन ने अपने आंदोलन से दुनिया को दिखाई राह : विजय गुड़िया

संसू,तोरपा:कोयलकारोपनबिजलीपरियोजनाकेखिलाफआंदोलनकेदौरानअपनीजानगंवानेवालेशहीदोंकोशहादतस्थलतपकरामेंबुधवारकोश्रद्धांजलिदीगई।शहादतदिवसकेदौरानकोयलकारोजनसंगठनसमेतकईसामाजिकसंगठनवराजनीतिकदलोंकेप्रतिनिधियोंनेशहीदोंकोश्रद्धांजलिदी।मौकेपरलोगोंनेजनआंदोलनकोगतिदेनेकासंकल्पलिया।दोफरवरी2001कोतपकारागोलीकांडमेंशहीदहुएलोगोंकोविभिन्नगांवोंसेपहुंचेकृतज्ञजनतानेशहीदस्थलकेपासदोमिनटकामौनरखकरउन्हेंनमनकिया।गोलीकांडमेंतपकराकेजमालखान,चंपाबाहाकेबोडापाहन,गोंडराकेसोमाजोसेफगुड़ियावलुकसगुड़िया,बेलसियाजराकेलकेप्रभुसहायकंडुलना,बंडाजयपुरकेसमीरडंहगा,डेरांगकेसुरसेनगुड़ियाऔरबनईकेसंदरकंडुलनाशहीदहुएथे।तबसेस्थानीयलोगउनकीयादमेंशहादतदिवसमनाकरउन्हेंश्रद्धासुमनअर्पितकरतेहैं।बुधवारकोशहीदस्थलमेंशहीदोंकोश्रद्धांजलिदेनेकेबादशहीदोंकेगांवमेंभीश्रद्धांजलिदियागया।इसदौरनसभीकेआंखेनमथी।इसअवसरपरकोयलकारोजनसंगठनकेमहासचिवविजयगुड़ियानेकहाकिकोयलकारोजनसंगठनकेलोगोंनेअपनेआंदोलनसेदुनियाकोराहदिखानेकाकामकियाहै।कोयलकारोकेलोगोंनेलड़ाईलड़करअपनीसंस्कृतिवअस्मिताकोबचाकररखाहै।विजयगुड़ियानेसरकारसेमांगकियाहैकिजोशहीदहुएहैउनकेपरिवारकोलाभकारीयोजनाकालाभमिलनाचाहिए।इसकेअलावाआंदोलनकारियोंकेप्रतिजोपहलहोनीचाहिएवहनहींहोपारहाहै।इसपरसरकारकोध्यानदेनेकीजरूरतहै।बतादेकिजानदेंगेजमीननहीं,बिजलीबत्तीकबुअ,डीबरीबत्तीअबुअकानाराकोयलकारोडूबक्षेत्रमेंदशकोंसेगुंजतारहाहै।विस्थापनकेखिलाफक्षेत्रकेग्रामीणसीनातनकरखड़ेहैंऔरकिसीभीतरहकेविस्थापनकेखिलाफचट्टानकीतरहअडिगहैं।अपनेपूर्वजोंकीजल,जंगल,जमीनकेविरासतकोबचानेकेलिएनिरंतरसंघर्षकररहेहैं।दूसरीओरइसइलाकेकोआजभीविकासकेलिएसरकारकेखोखलेदावेसेहीसंतोषकरनापड़ताहै।यहांनिवासकरनेवालेआदिवासीऔरसदानकीआजीविकाकामुख्यस्त्रोतखेतीवबागवानीहीहै।साथहीलघुवनोपजपरभीइनकीआजीविकानिर्भरकरतीहै।गोलीकांडके21वर्षबीतगए,लेकिनउसघटनाकीयादमात्रसेलोगोंकोआजभीऊर्जामिलतीहै,लोगोंकेअंदरस्फूर्तिकासंचारहोताहै।श्रद्धांजलिकार्यक्रममेंझामुमोनेतासुदीपगुड़िया,सरनासगोमकेमशीहगुड़िया,मसिहदासगुड़िया,सदरकंडुलना,मनसिद्धगुड़िया,पड़हाराजाहाबिलगुड़िया,रेजनगुड़िया,अलेष्ठरबोदरा,अनसेलमसोय,झिरगाकंडुलना,प्रकाशडहंगा,दिलवरगुड़िया,रोहितसुरीन,सुदर्शनभेंगरा,लोरंतुसगुड़िया,सोमामुंडासहितकईलोगउपस्थितथे।