पेरवाघाघ की वादियों में उमड़ने लगे सैलानी, नाव बनकर तैयार

संसू,तोरपा:पेरवाघाघजलप्रपातमेंरविवारकोमस्तीकरनेबड़ीसंख्यामेंसैलानीउमड़े।पेरवाघाघकाझरनाकरीबपचासफीटकीऊंचाईसेगिरतेपानीकेबादबननेवालागहरेहरेरंगकाजलाशयऔरउसकेबादकीघाटीइसकीखूबसूरतीकोचारचांदलगाताहै।झरनेतकपहुंचनेकेलिएग्रामीणोंद्वाराबनाएगएएकजुगाड़वालीनावहै,जिससेसैलानियोंकोदोनोंछोरमेंबांधेगएरस्सीकीमददसेझरनेकेबेहदकरीबलेजातेहैं।वहांपहुंचनेपरआपपानीकेगिरनेसेहवामेंउठतीफुहारोंकोशरीरपरमहसूसकरसकतेहैं।झारखंडएकसुंदरप्राकृतिकएवंसांस्कृतिकविरासतसेसरावोरप्रदेशहै,इसीप्रदेशमेंखूंटीजिलेकेतोरपाप्रखंडअंतर्गतफटकापंचायतस्थितपेरवाघाघजलप्रपातहै।यहांपहुंचनेवालेसैलानीअनमोलसुंदरताकोअपनेस्मृतिमेंहमेशाकेलिएअंकितकरलेतेहैं।रविवारकोपेरवाघाघमेंदूर-दूरसेसैलानीपहुंचे।इनमेंरांची,जमशेदपुरवबोकारोसेपहुंचनेवालोंकीसंख्याअधिकथी।बोकारोसेप्रदीपश्रीवास्तवअपनेपरिवारकेसाथपहलीबारपरवाघाघपहुंचेथे।उन्होंनेपेरवाघाघकीवादियोंकोदेखकरकहाकिइसजगहसेजानेकोमननहीकररहाहै।वैसेतोझारखंडमेंकईजगहोंपरघूमेहै,लेकिनपेरवाघाघजैसासुंदरवमनोरमजलप्रपातनहींदेखाथा।इसजगहपरबच्चेभीकाफीमस्तीकिए।यहांतोजल-जंगलवपहाड़-पर्वतदेखनेसेहीबनतीहै।

लकड़ीकापुलबनानेमेंजुटेपर्यटनमित्र

पेरवाघाघकेपर्यटनमित्रजयसिंहनेबतायाकिहरवर्षकीतरहलकड़ीकानावबनकरतैयारहै।जिसकासफलप्रयोगरविवारकोकरकेदेखागया,ताकिपर्यटकोंकेलिएनावसुरक्षितरहेऔरकिसीप्रकारकाकोईदिक्कतनहो।साथहीजोलोगनावनहींचढ़नाचाहतेहैं,उन्हेंदूसरीछोरतकजानेकेलिएलकड़ीकापुलबनायाजारहाहैजोएकदोदिनमेंबनकरतैयारहोजाएगा।